फिर से…

चलो फिर से आज जन्नत में जहन्नुम का नज़ारा दिखाते हैं…

चलो फिर से आज प्यार में धोखे का फसाना सुनाते हैं…

वैसे तो लोग उस दर्द भरे किस्से के लफ्ज़ आज भी फिज़ाओं में बहाते हैं…

लेकिन चलिये जाने दीजिये कौन सा हम आपको एक पल में आँसुओं के सैलाब और दुखों के पहाड़ तले दबाना चाहते हैं!!

दर्द का मर्ज़

दुखों का सिलसिला तो तब ख़त्म हुआ,

जब उसके प्यार ने हि उसे दर्द दे दिया।

आखिर उसे “हर दर्द से दूर” के वादे के मुताबिक,

धोखा देकर हर छोटे दर्द का मर्ज़  दे दिया!

O Rains!

I know this raocous time has moved us miles apart…

I know that genuine “Take Care” and “Be Safe” are graved long ago…

But my heart still sings those amorous tales of love…

O Rains!…please go and pour down on him like my Unceasing Love.

Let his each dispair and pain be washed down by this pure, transparent symbol of love.

And those pains whom he cuddles daily in the tenebris of nights…

Let them dissolve in the water and flow down…down and apart…

O Rains…go and pour down on him like my Unceasing Love!!

मुस्कान

किसी के चेहरे पर …                                                                     होठों से खिंची एक साधारण रेखा,

अगर दिल के घावों से…                                                                  उमड़ते दर्द का परदा बनी हो

तो वो सिर्फ मुस्कान नहीं…                                                             अतुलनीय भव्यता बन जाती है।।