क्यूँ

कहते हैं जो कुछ होता है उसके पीछे कोई न कोई वजह होती है, 

मगर  सच यह है कि उस वजह के पीछे छिपे हर क्यूँ का जवाब नहीं होता….

जब एक लड़की के साथ जुर्म होता है

तब वजह गिनाने वाले कुछ इस तरह कहते हैं-

“बड़े बाप की बिगड़ी औलाद”

“कपड़े इतने छोटे होंगे तो यही होगा ना”

“इतनी रात को क्या सड़क नापने गई थी बाहर?”

अगर आप इतने बड़े ञानी हैं तो जुर्म करने वाले का भी पथप्रदर्शशन क्यूँ नहीं किया? या फिर कुछ तो टिप्पड़ी करने को ही जीवन का सुख समझते हैं तो याद रखें की आपके साथी कल भी वही होंगे मगर पीड़ित कोई आपका अपना भी हो सकता है! 

याद रखिये कि आपका काम तो टिप्पड़ी कर खत्म हो गया लेकिन उस लड़की का जीवन रही सोचने में निकल जाता है कि क्यूँ आखिर क्यूँ!

खड़े होकर तमाशा देखने वाले बहुत होते हैं। 

कल को जब खुद पे बीते तो ये सोचने में समय व्यर्थ ना करे की कोई मदद करने आगे नहीं आया आखिर क्यूँ!

लड़की को आज भी शाम के सात बजे के बाद बाहर रहने पर रोक लगाना तो ये ना सोचना कि बिटिया कुछ बन क्यूँ नहीं पाई! 

आज-कल छोटी-छोटी बातों पे लोग खासकर (किशोर वर्ग) एक दूसरे कि माताओं-बहनों के लिये अपशब्द बोलते हैं। तो ये भी याद रखें कि आपका आवेश और अगले कि मान हानि कि भरपाई आपके ही कहे अपशब्द आपके अपने के लिये सत्य बनकर बदला न ले लें।

तब ऐसा कहा हि क्यूँ का जवाब नहीं मिलेगा!

और जो लोग कपड़ों को लेकर बड़े जागरूक हैं वो ये भी जानें कि केवल कपड़ों का कुसूर नहीं क्यूँकी हाल ही में शर्म से परे, जुर्म एक छह महीने की बच्ची के साथ हुआ था।
कपड़े कैसे भी हों तन पर सज के उसे परदा करते हैं मगर आपकी नज़र तो आपके चिरित्र का आईना है साहब! कृपया अपना आईना साफ रखियेगा।

# ऊपर लिखे शब्द भावनाओं से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दों को उठाते हैं किसी भूल-चूक के लिये छमा। समाज के इस नये उभरते चहरे पर कुछ विचार।






Social Ash

​Sikandar (on bike): save yourself O ladies cuz now I am here…yahoo speeding over 100!!..

Ustad (on road): hey you roadside Romeo has God taken your eyes away along with brain??

Sikandar (stops the bike): hey you P.A. of devil don’t dare to tech me ha…don’t you know I am Sikandar!

Ustad: nah! You are more like a bawandar(Tornado)…

Sikandar: you bloody…***…cheap***…moth**f***…sis***f***!!!...***,


Sikandar moves ahead…

 Whereas Ustad plans against sikandar follows him to his home along with his friends.



Few days later….

Ustad(on bus stop, to his friends): hey look! This is that same Sikandar’s sister na…come on it’s time for revenge. Her sister shall face the same what he said to my sister and mother…


Ustad and his friends grab the girl from the bus stop…they took her to a solicited area and did the same with sikandar’s sister what Sikandar said…but to ustad’s sister…



In the whole incident we met- Ustad and his friends and Sikandar.

The incident and quarrel and all the spat was between the two.

But…

We also met one more person who was NOT AT ALL a part of this incident. sister of Sikandar. But ironically she became the merest victim of this rivalry…


Dear readers…it’s a message through an incident that we should think before we speak. Especially about somebody’s sister, daughter, mother or any other female family member. And also the fact of the matter is “Stop using such vocabulary and swear words. What you say no matter it keeps any value for you or not but can prove to be the most charging upon your sister your mother in fact.”