ज़माना

एक ज़माना वो था- जब खाना साफ और शांत दुकानों पर, और जूते बाज़ार की सड़कों पर बिकते थे।

और एक ज़माना ये भी है- जब खाना सड़क किनारे बिकता है, और जूते ए.सी. शोरूम में सजते हैं।।
वाकई हम कितने माॅडर्न हो गये हैं!!