वादा

आज की इस तारीख की ख़ासियत का तुझे इल्म भी है?

 आज पूरे हुए उसी पुराने वादे का मन में ज़रा ज़िक्र भी है?

 जिसको सर आँखों पे रख हम हर रोज़ तनहाई को आब की तरह पी गये,

ये बता जान-ए-जिगर मेरे उस प्यार के लिये तेरे दिल में इज्जत की ज़रा सी किश्त भी है?

Sacrifice

Today again the flame of your memories is burning ablaze in my heart…

Today again uncountable times my girdle has gone wet by these unending tears…

But still like these several years even today on our anniversary i have fulfilled my duty.

Today again just like a wife i have made this world believe in restraints rather than your betrayal!

(Translated from Hindi Post “त्याग”)

त्याग

आज फिर से तुम्हारी यादों का दिया जलाया है हमने,

ना जाने कितनी बार इन अश्कों से अपना दामन भिगाया है हमने।

फिर भी हर साल कि तरह इस सालगिरह भी अपना फर्ज़ निभाया है हमने,

पत्नि की तरह तुम्हारे धोखे को भी दुनिया के सामने मजबूरी का नाम दिलाया है हमने।।

 # किसी भूल-चूक के लिये छमा। परिवेश की स्थिति को देखते हुए शब्दों से उकेरे हुए कुछ विचार।☺

ज़माना

एक ज़माना वो था- जब खाना साफ और शांत दुकानों पर, और जूते बाज़ार की सड़कों पर बिकते थे।

और एक ज़माना ये भी है- जब खाना सड़क किनारे बिकता है, और जूते ए.सी. शोरूम में सजते हैं।।
वाकई हम कितने माॅडर्न हो गये हैं!!

शैतान

हाँ मालूम है कि प्यार के जज़्बात                                                                   राख हो गये थे।

जब देह के समरपर्ण से हम                                                                    इन्कार कर गये थे।

हम तो एक इन्सान से रूह बाँट कर                                                             प्यार कर गये थे…

लेकिन हम पर उस ‘ना’ के बदले तेज़ाब

 फ़ेक, तुम तो असलियत के                                                                   शैतान बन गये थे!

दर्द का मर्ज़

दुखों का सिलसिला तो तब ख़त्म हुआ,

जब उसके प्यार ने हि उसे दर्द दे दिया।

आखिर उसे “हर दर्द से दूर” के वादे के मुताबिक,

धोखा देकर हर छोटे दर्द का मर्ज़  दे दिया!